Wednesday, April 29, 2009

लड़की

कोमल ह्रदय वाली है वो
ममता की मूरत है वो,
खुद को अंधियारे में रखकर
औरो को उजाले दिलाती!
मानो वो मजधार में रहकर
औरो को साहिल दिलाती!
कोमल ह्रदय वाली है वो,
ममता की मूरत है वो!

फूलों सी नाजुक लगती है वो,
किन्तु कांटो की सेज में रहती है वो,
जन्म से लेकर मृत्यु तक,
औरों के गम का सहभागी बनती है वो!
फिर भी जीवन के इस लम्बे राह में,
खुद को तन्हा पाती है वो!
कोमल ह्रदय वाली है वो
ममता की मूरत है वो,

माँ-बाप और भाई -बहन पर,
स्नेह की सुधा बरसाती है वो,
खुद को प्यासी रखकर वो,
आंशुओ का विश पी-पीकर,
औरों की तृष्णा मिटाती है वो,
कोमल ह्रदय वाली है वो,
ममता की मूरत है वो!

धरती पर पाऊ रखते ही वो,
अवहेलना व् तिरस्कार पाती!
दुःख,दर्द और गम के साये में पली-बढ़ी वो,
बचपन से प्रेम का रस-राग सुनाती
यौवन की सीधी में चढ़ते ही वो,
खुद को दुनिया की नजरों से बचाकर
सीता-सावित्री कहलाती है वो!
कोमल ह्रदय वाली है वो
ममता की मूरत है वो,

क्षण में दुर्गा क्षण में चंडी,
बनकर शत्रुओ को खदेड़ती है वो,
शक्ति का रूप लेकर अपराजिता बनती है वो,
पाप असत्य व् जुल्मो का सर्वनाश करती,
दया-करुना व् ममता न्योछावर करती!
कोमल ह्रदय वाली है वो
ममता की मूरत है वो,

जीवन की अन्तिम बेला तक,
सतायी गयी वो अबला,
साँझ-सवेरे और रात फ़र्ज़ निभाती रहती,
पता नहीं दर्द की मरी वो,
संसार की जुल्मो को सहकर,
कब खुद को इन सब से मुक्त करेगी
कोमल ह्रदय वाली है वो
ममता की मूरत है वो!

कब सुनेगी दुनिया उसकी करह को
कब समझेगी उसकी मावता को
क्या यही है जीवन उसका
जो हर लम्हा दबायी जाती
कोमल ह्रदय वाली है वो,
ममता की मूरत है वो!

यह थी मेरी जुबानी,
और एक लड़की की दर्द भरी कहानी!

6 comments:

  1. वाह क्या अल्फाज़ हैं, क्या भावनायें हैं,
    लेकिन साथ ही कहीं न कहीं दर्द भी छुपा है.
    पर इस अंदाज़-ए-बयाँ की बात ही कुछ और है
    शायद हम सब के लिए कोई सीख छुपी है.

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  2. wonderfull and sweet poet with some irony feelings, i feel women is more strong than men,,,so women is superpower.

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  3. thi ye tumhari jubani..
    fir kaha gai ye jubaan...

    kyo bhul gai isse..
    fir se aaoo...
    kuch sunao...
    ek kahani apni jubani..

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  4. u also wrote like poem here :) ok again I will start writing..

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  5. I wrote this poem when I was in class 8th

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